आय कुल आय में शामिल नहीं
अध्याय - III
जो आय कुल आय का भाग नहीं
आय कुल आय में शामिल नहीं.
10 किसी भी व्यक्ति के पिछले साल की कुल आय की गणना में निम्न खंड के किसी भी भीतर आने वाले किसी भी आय शामिल नहीं हो जाएगा
(1) कृषि आय;
(2) 3 [(2) की उप - धारा के प्रावधानों के अधीन धारा 64 , ऐसी राशि परिवार की आय का भुगतान किया गया है, जहां एक हिन्दू अविभाजित परिवार के एक सदस्य के रूप में एक व्यक्ति द्वारा प्राप्त किसी भी राशि], या, इस तरह के योग परिवार से संबंधित संपत्ति की आय से भुगतान किया गया है, जहां किसी भी जागीर, के मामले में;
4 [(3) अनौपचारिक और गैर आवर्ती प्रकृति के हैं, जो किसी भी रसीदें, ऐसे प्राप्तियों कुल में एक हजार रुपए से अधिक नहीं है सीमा तक, लॉटरी से जीत नहीं किया जा रहा:
इस खंड को लागू नहीं होगा बशर्ते कि
(मैं) के प्रावधानों के तहत प्रभार्य पूंजीगत लाभ धारा 45 ; या
व्यापार या एक पेशे या व्यवसाय के व्यायाम से उत्पन्न होने वाली (द्वितीय) प्राप्तियों; या
(Iii) किसी कर्मचारी के पारिश्रमिक के अलावा के माध्यम से प्राप्तियों;]
(4) एक अनिवासी, केन्द्र सरकार के रूप में ऐसी प्रतिभूतियों पर ब्याज से कोई आय के मामले में अधिसूचना द्वारा मई * पर, या पर प्रीमियम से सरकारी राजपत्र में, इस निमित्त विनिर्दिष्ट, या हित से कोई आय केन्द्र सरकार और पुनर्निर्माण और विकास के लिए इंटर नेशनल बैंक के बीच या केन्द्र सरकार और अमेरिका के संयुक्त राज्य अमेरिका की विकास ऋण निधि के बीच एक ऋण समझौते के तहत या द्वारा एक ऋण समझौते के तहत केन्द्र सरकार द्वारा जारी किए गए किसी भी बांड के मोचन मामले के रूप में कहा बैंक या फंड के साथ एक ऋण समझौते के तहत भारत में किसी भी औद्योगिक उपक्रम या वित्तीय निगम, केंद्र सरकार द्वारा सुनिश्चित किया जाता है, जो हो सकता है;
एक अनिवासी 1947 की विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1947 (7 के अनुसार भारत में किसी भी बैंक में एक अनिवासी (बाह्य) खाता में अपने क्रेडिट के लिए खड़े धनराशि पर ब्याज से कोई आय के मामले में (4 ए) ) 1 , और उसके अधीन बनाए गए किसी भी नियम;
2 [(5) केन्द्रीय सरकार के रूप में इस तरह की स्थितियों के अधीन एक व्यक्ति भारत का नागरिक होने के मामले में, लिख सकते हैं -
(I) किसी निर्धारण वर्ष अप्रैल, 1970 के 1 दिन बाद शुरू होने वाले एक आकलन वर्ष नहीं किया जा रहा करने के संबंध में, किसी भी यात्रा रियायत या सहायता के मान से प्राप्त या कारण ऐसे व्यक्ति के लिए, -
(क) भारत में उसके घर में जिले के लिए छुट्टी पर उसकी कार्यवाही के संबंध में खुद के लिए उसके नियोक्ता, अपने पति और बच्चों से;
(ख) सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद या उसकी सेवा की समाप्ति के बाद भारत में उसके घर में जिले को उसकी कार्यवाही के संबंध में अपने मालिक या पूर्व नियोक्ता खुद के लिए, अपने पति और बच्चों से;
(Ii) किसी यात्रा रियायत या सहायता के मूल्य की वजह से ऐसे व्यक्ति, करने से या प्राप्त किसी भी अन्य निर्धारण वर्ष के संबंध में -
(एक) के लिए अपने नियोक्ता से 3 [अपने और अपने परिवार], भारत में किसी भी जगह के लिए छुट्टी पर उसकी कार्यवाही के संबंध में;
(ख) उसके नियोक्ता या पूर्व नियोक्ता से 3 सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद या उसकी सेवा की समाप्ति के बाद भारत में किसी भी स्थान के लिए उसकी कार्यवाही के संबंध में [अपने और अपने परिवार के लिए],:]
बशर्ते कि आइटम के तहत छूट राशि (एक) या आइटम (ख) इस उप खंड 4 [का निर्धारित किया जा सकता है के रूप में इस तरह के मामलों को छोड़कर और ऐसी परिस्थितियों में, नहीं करेगा † के कर्मचारियों को दी गई यात्रा रियायत या सहायता को ध्यान में रखते मामले से सेवानिवृत्ति के बाद, हो सकता है के रूप में केन्द्र सरकार,] उसकी छुट्टी पर भारत में घर का जिला या, के लिए उसकी कार्यवाही के संबंध में व्यक्ति द्वारा या कारण के लिए प्राप्त किया गया होगा जो यात्रा रियायत या सहायता के मूल्य से अधिक सेवा या उसकी सेवा की समाप्ति के बाद.]
1 [स्पष्टीकरण: एक व्यक्ति के संबंध में इस उपखंड, "परिवार", के प्रयोजनों के लिए, इसका मतलब है,
(मैं) व्यक्ति के पति या पत्नी और बच्चों; और
(Ii) माता - पिता, भाई और व्यक्तिगत या उनमें से किसी को पूरी तरह या व्यक्ति के बारे में मुख्य रूप से निर्भर की बहनों;]
(6) भारत का नागरिक नहीं है, जो एक व्यक्ति के मामले में -
2 केन्द्र सरकार के रूप में इस तरह की स्थितियों के लिए [(i) के अधीन लेने की सलाह बीतने धन या द्वारा या के कारण ऐसे व्यक्ति से प्राप्त किसी भी मुफ्त या रियायती बीतने के मूल्य सकता है
(एक) खुद के लिए अपने नियोक्ता से, घर पर उसकी कार्यवाही के संबंध में उसके पति और बच्चों को, भारत के बाहर छोड़;
3 [छुट्टी के दौरान भारत के लिए उनके आगे बढ़ने के सिलसिले में भारत से बाहर किसी भी शैक्षणिक संस्थान में पूरा समय शिक्षा होने के लिए अपने बच्चों के लिए अपने नियोक्ता से (एए),;]
(ख) भारत में या ऐसी सेवा की समाप्ति के बाद सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भारत से बाहर अपने घर देश के लिए उसकी कार्यवाही के संबंध में अपने मालिक या पूर्व नियोक्ता खुद के लिए, अपने पति और बच्चों से;]
(Ii) उसके द्वारा राजदूत के रूप में, उच्चायुक्त, राजदूत, मंत्री, उपराजदूत, आयुक्त, परामर्शदाता या सचिव, सलाहकार या सेवा के लिए एक विदेशी राज्य के एक दूतावास, उच्चायोग दूतावास या कमीशन के अताशे प्राप्त पारिश्रमिक ऐसी क्षमता में;
(Iii) ऐसे क्षमता में सेवा के लिए एक विदेशी राज्य के एक कौंसुल जनरल, सलाहकार, वाइस कौंसुल, कांसुली एजेंट, प्रशासक या किसी अन्य नाम से, कहा जाता है, चाहे वह एक सलाहकार डे Carriere रूप में उसके द्वारा प्राप्त पारिश्रमिक;
(चतुर्थ), एक विदेशी राज्य सरकार (मानद क्षमता में इस तरह के रूप में पद धारण नहीं) के भारत में एक व्यापार आयुक्त या अन्य सरकारी प्रतिनिधि के रूप में उसके द्वारा प्राप्त पारिश्रमिक अगर की इसी अधिकारियों का पारिश्रमिक, यदि कोई हो, संबंधित देश में समान उद्देश्यों के लिए सरकार के निवासी है कि देश में एक समान छूट प्राप्त है;
(वी) के अधिकारियों में से किसी के स्टाफ के एक सदस्य के रूप में उसके द्वारा प्राप्त पारिश्रमिक, (द्वितीय), खंड (iii) या खंड (चतुर्थ) खंड में निर्दिष्ट अगर सदस्य
(एक) का प्रतिनिधित्व देश का एक विषय है;
(ख) ऐसे स्टाफ के एक सदस्य के रूप में अन्यथा की तुलना में भारत में किसी भी व्यवसाय या पेशे या रोजगार में लगे हुए नहीं है; और आगे, व्यक्ति किसी भी अधिकारी के स्टाफ के एक सदस्य खंड में निर्दिष्ट है जहां (चतुर्थ), प्रतिनिधित्व देश सरकार की इसी अधिकारियों के स्टाफ के सदस्यों के मामले में इसी तरह की छूट के लिए इसी प्रावधान किया गया है;
(Vi) भारत में अपने प्रवास के दौरान उसके द्वारा दी गई सेवाओं के लिए एक विदेशी उद्यम के एक कर्मचारी के रूप में उसके द्वारा प्राप्त पारिश्रमिक, प्रदान की निम्न शर्तों को पूरा कर रहे हैं
(क) विदेशी उद्यम भारत में किसी भी व्यापार या व्यवसाय में लगे हुए नहीं है;
(ख) भारत में अपने प्रवास के कुल में इस तरह पिछले वर्ष में नब्बे दिन की अवधि से अधिक नहीं है; और
(ग) ऐसे पारिश्रमिक इस अधिनियम के तहत नियोक्ता प्रभार्य की आय से कटौती की जा करने के लिए उत्तरदायी नहीं है;
1 के एक कर्मचारी, या करने के लिए एक सलाहकार, एक संस्था या संघ या एक शरीर पूरी तरह से इस तरह के उद्देश्यों के सिलसिले में भारत में उसके द्वारा दी गई सेवाओं के लिए परोपकारी प्रयोजनों के लिए स्थापित या भारत के बाहर गठित रूप में उसके द्वारा प्राप्त पारिश्रमिक () के माध्यम से [; ऐसी संस्था या संघ या शरीर और अपनी सेवाओं के भारत में प्रदान की गई है जिस उद्देश्य केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित कर रहे हैं, बशर्ते कि;]
कारण (सात) पारिश्रमिक या रोजगार में एक तकनीशियन के रूप में प्रदान की गई सेवाओं के लिए सिर "वेतन" के अंतर्गत प्रभार्य उसके द्वारा प्राप्त 2 सरकार की या एक स्थानीय प्राधिकारी की [अप्रैल, 1971 के 1 दिन पहले एक तिथि से शुरू] या किसी भी निगम के किसी विशेष कानून के तहत स्थापित या वह तुरंत वह नीचे उल्लेख हद तक भारत में आ गया जिसमें वित्तीय वर्ष के पहले के चार वित्तीय वर्षों में से किसी में निवासी नहीं था अगर किसी भी व्यवसाय में, भारत में पर ले गए
(क) सेवा के अपने अनुबंध उसकी सेवा के प्रारंभ होने से पहले या ऐसे प्रारंभ के एक वर्ष के भीतर केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी है, जहां
औद्योगिक या व्यापार प्रबंधन तकनीकों, की वजह से या भारत में उनके आगमन की तिथि से शुरू होने में छह महीने की अवधि के दौरान उसके द्वारा प्राप्त इस तरह के पारिश्रमिक में विशेष ज्ञान और अनुभव है, जो एक तकनीशियन के मामले में (मैं);
(Ii) किसी अन्य तकनीशियन, की वजह से या भारत में उनके आगमन की तिथि से शुरू छत्तीस महीनों के दौरान उसके द्वारा प्राप्त किया, और ऐसे किसी भी व्यक्ति से पहले प्राप्त केन्द्र सरकार के अनुमोदन से जारी है, जहां इस तरह के पारिश्रमिक के मामले में प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के अक्टूबर के 1 दिन छत्तीस महीनों पूर्वोक्त और सिर "वेतन" के तहत अपनी आय प्रभार्य पर कर केन्द्र सरकार [करने के लिए नियोक्ता द्वारा भुगतान किया जाता है की समाप्ति के बाद भारत में रोजगार में रहने के लिए जो एक कंपनी होने के नाते एक नियोक्ता के मामले में कर कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 200 में किसी बात के होते हुए भी भुगतान किया जा सकता है (1956 का 1)], इतना की समाप्ति के अगले साठ महीनों से अनधिक अवधि के लिए नियोक्ता द्वारा भुगतान कर उक्त छत्तीस महीनों;
(ख) किसी भी अन्य मामले में, सभी से शुरू में ३६५ दिनों की अवधि के लिए विशेष ज्ञान और अनुभव औद्योगिक या व्यापार प्रबंधन तकनीकों में, की वजह से इस तरह के पारिश्रमिक या उसके द्वारा प्राप्त हुआ है जो एक तकनीशियन के मामले नहीं किया जा रहा भारत में उनके आगमन की तारीख से.
स्पष्टीकरण: 1 [इस उप - खंड, "तकनीशियन" के प्रयोजनों के लिए] में विशेष ज्ञान और अनुभव वाले एक व्यक्ति का मतलब
(मैं) निर्माण या निर्माण कार्यों, या खनन में या बिजली या बिजली के किसी अन्य रूप की पीढ़ी या वितरण में, या
(Ii) औद्योगिक या व्यापार प्रबंधन तकनीकों,
इस तरह के विशेष ज्ञान और अनुभव वास्तव में उपयोग किया जाता है, जिसमें एक क्षमता में भारत में कार्यरत है जो;
2 ऐसे व्यक्ति सरकार की या एक स्थानीय प्राधिकारी या किसी भी निगम की (मार्च, 1971 के 31 वें दिन के बाद एक तिथि से शुरू) रोजगार में एक तकनीशियन के रूप में सेवाओं renders जहां [(VIIa) कोई विशेष कानून के तहत या के सेट अप निर्धारित करके इस उप - खंड के प्रयोजनों के लिए मंजूरी दे दी है के रूप में वैज्ञानिक अनुसंधान पर ले जाने के लिए भारत में स्थापित ऐसे किसी संस्था या शरीर * प्राधिकारी या किसी भी व्यवसाय में भारत में पर ले गए और निम्न स्थितियों, अर्थात्, पूरा कर रहे हैं कि
(1) व्यक्तिगत तुरंत वह भारत आए जिसमें वित्तीय वर्ष के पहले के चार वित्तीय वर्षों में से किसी में भारत में निवासी नहीं था, और
(2) भारत में अपनी सेवा के अनुबंध केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी है, इस तरह के अनुमोदन के लिए आवेदन, ऐसी सेवा के प्रारंभ होने से पहले या ऐसे प्रारंभ के छह महीने के भीतर उस सरकार के लिए बनाया गया है
सिर "वेतन" के अंतर्गत प्रभार्य है जो उसके द्वारा की वजह से या प्राप्त ऐसी सेवाओं के लिए पारिश्रमिक, सीमा तक, अर्थात् नीचे उल्लेख: -
अब तक इस तरह के पारिश्रमिक के रूप में, भारत में उनके आगमन की तिथि से शुरू चौबीस महीनों की अवधि के दौरान उसके द्वारा प्राप्त (क) के कारण पारिश्रमिक या प्रति माह चार हजार रुपए की दर से गणना की एक राशि से अधिक नहीं है , और अतिरिक्त पर टैक्स, यदि कोई हो, तो नियोक्ता द्वारा केन्द्र सरकार को भुगतान किया जाता है की गणना की राशि से अधिक की अवधि के पूर्वोक्त के लिए इस तरह के पारिश्रमिक का [जो कर, एक नियोक्ता के मामले में, एक कंपनी जा रहा है, हो सकता है, जहां कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 200 में किसी बात के होते हुए भी भुगतान किया (1956 का 1)], भी तो नियोक्ता द्वारा भुगतान कर; और
वह पूर्वोक्त चौबीस महीने की अवधि की समाप्ति और पर टैक्स के बाद भारत में रोजगार में रहने के लिए, प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के अक्टूबर के 1 दिन पहले प्राप्त केन्द्र सरकार के अनुमोदन से जारी है, जहां (बी) ने अपने सिर "वेतन" के अंतर्गत आय प्रभार्य एक कंपनी होने के नाते, एक नियोक्ता के मामले में, नियोक्ता [जो कर से केन्द्र सरकार को भुगतान किया जाता है, कंपनी अधिनियम की धारा 200, 1956 (1 की में किसी बात के होते हुए भी भुगतान किया जा सकता है 1956)], तो पहले उल्लेख चौबीस महीने की समाप्ति के बाद अगले चौबीस महीने से अधिक की अवधि के लिए नियोक्ता द्वारा भुगतान कर:
1 [क्या ऐसा करना सार्वजनिक हित में यह आवश्यक या समीचीन मानता है कि अगर केंद्र सरकार,, के लिए भारत में कार्यरत है, जो किसी भी व्यक्ति के मामले में इस उप - खंड (1) के मद में निर्दिष्ट शर्त माफ कर सकते हैं बशर्ते कि डिजाइन, निर्माण या मशीनरी या संयंत्र या इस तरह के डिजाइन, निर्माण या कमीशन के साथ जुड़े गतिविधियों की निगरानी के कमीशन.]
स्पष्टीकरण: इस उपखंड, "तकनीशियन" के प्रयोजनों के लिए इन विशेष ज्ञान और अनुभव वाले एक व्यक्ति का मतलब
(मैं) निर्माण या निर्माण कार्यों, या खनन में या बिजली या बिजली के किसी अन्य रूप की पीढ़ी में, या
(Ii) कृषि, पशुपालन, डेयरी फार्मिंग, गहरे समुद्र में मछली पकड़ने या जहाज निर्माण,
जो इस तरह के विशेष ज्ञान और अनुभव वास्तव में उपयोग किया जाता है, जिसमें एक क्षमता में भारत में कार्यरत है;]
(आठवीं) की वजह से किसी भी ऐसे व्यक्ति भारत में उसकी कुल रहने में अधिक नहीं है जहां एक विदेशी जहाज पर अपने रोजगार के सिलसिले में दी गई सेवाओं के लिए पारिश्रमिक के रूप में एक अनिवासी किया जा रहा है या द्वारा प्राप्त सिर "वेतन" के तहत किसी भी आय प्रभार्य पिछले वर्ष में नब्बे दिन की अवधि के कुल;
(नौ) एक विश्वविद्यालय या अन्य शिक्षण संस्थान में एक प्रोफेसर या अन्य शिक्षक के रूप में की गई सेवा के लिए भारत में अपने आगमन की तिथि से शुरू छत्तीस महीनों के दौरान उसके द्वारा या के कारण प्राप्त हुआ सिर "वेतन" के तहत किसी भी आय प्रभार्य, और ऐसे किसी भी व्यक्ति, छत्तीस महीनों पूर्वोक्त और सिर "वेतन" के तहत अपनी आय प्रभार्य पर टैक्स विश्वविद्यालय या केन्द्र सरकार को अन्य संबंधित शिक्षण संस्थान के द्वारा भुगतान किया जाता है की समाप्ति के बाद भारत में रोजगार में रहना जारी है, जहां तो निम्न स्थितियों अर्थात्, पूरा कर रहे हैं या तो मामले में प्रदान की उक्त छत्तीस महीने की समाप्ति के अगले चौबीस महीने से अनधिक अवधि के लिए भुगतान कर: -
(I) ऐसे व्यक्ति को तुरंत वह भारत आए जिसमें वित्तीय वर्ष के पहले के चार वित्तीय वर्षों में से किसी में निवासी नहीं था; और
(Ii) सेवा के अपने अनुबंध केन्द्रीय ने मंजूरी दे दी है सरकार
(एक) अक्टूबर, 1964 के 1 दिन या उससे पहले, जिनकी सेवा अप्रैल, 1964 के 1 दिन पहले शुरू किया गया एक प्रोफेसर या अन्य शिक्षक के मामले में;
(ख) उसकी सेवा के प्रारंभ होने से पहले या किसी भी अन्य मामले में ऐसे प्रारंभ से एक वर्ष के भीतर;
कारण या उसके द्वारा प्राप्त किया, भारत में उनके आगमन की तिथि से शुरू चौबीस महीनों के दौरान, भारत में किसी भी अनुसंधान कार्य शुरू करने के लिए, निम्न शर्तें उपलब्ध कराई (एक्स) किसी भी राशि अर्थात्, पूरा कर रहे हैं: -
(क) अनुसंधान कार्य प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के अक्टूबर के 1 दिन या उससे पहले केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में मंजूरी दे दी अनुसंधान योजना के सिलसिले में किया जाता है; और
(ख) ऐसी राशि देय या एक विदेशी राज्य की सरकार या किसी संस्था या संघ या भारत के बाहर स्थापित अन्य शरीर से सीधे या परोक्ष रूप से भुगतान किया है;
1 [(एकादश) की, या, के स्वामित्व वाले किसी भी उपक्रम में किसी भी प्रतिष्ठान या कार्यालय में अपने प्रशिक्षण के सिलसिले में भारत में अपने प्रवास के दौरान एक विदेशी राज्य सरकार के एक कर्मचारी के रूप में उसके द्वारा प्राप्त पारिश्रमिक -
(I) सरकार; या
(Ii) पूरे चुकता शेयर पूंजी केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार या सरकारों, या आंशिक रूप से केन्द्र सरकार द्वारा और आंशिक रूप से एक या एक से अधिक राज्य सरकारों द्वारा द्वारा आयोजित किया जाता है जिसमें किसी भी कंपनी; या
(Iii) एक कंपनी की एक सहायक कंपनी है जो किसी भी कंपनी के मद (ii) में निर्दिष्ट; या
(चतुर्थ) के द्वारा या एक केन्द्रीय, राज्य या प्रांतीय कानून के तहत स्थापित किसी निगम; या
(V) सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 (1860 का I4), या तत्समय प्रवृत्त के लिए किसी भी अन्य इसी कानून के तहत और के तहत पंजीकृत किसी भी समाज पूरी तरह से केन्द्र सरकार, या किसी राज्य सरकार या राज्य सरकारों, या आंशिक रूप से द्वारा वित्तपोषित केन्द्र सरकार और आंशिक रूप से एक या एक से अधिक राज्य सरकारों द्वारा;]
(7) भारत के बाहर सेवा प्रदान करने के लिए भारत के एक नागरिक को सरकार द्वारा भुगतान किया है या भारत के बाहर इस तरह की अनुमति किसी भी भत्ते या अनुलाभ;
(8) केन्द्र सरकार और एक विदेशी राज्य सरकार द्वारा किए गए एक समझौते के अनुसार किसी भी सहकारी तकनीकी सहायता कार्यक्रमों और परियोजनाओं के सिलसिले में भारत में कर्तव्यों को सौंपा है जो एक व्यक्ति के मामले में (नियम जिसका इस खंड द्वारा दिए गए छूट) के लिए प्रदान करते हैं -
(क) इस तरह के कार्यों के लिए है कि विदेशी राज्य सरकार से सीधे या परोक्ष रूप से उसके द्वारा प्राप्त पारिश्रमिक, और
(ख) अर्जित या भारत के बाहर पैदा होती है, और जो ऐसे व्यक्ति के किसी अन्य आय अर्जित करते हैं या ऐसे व्यक्ति कि विदेशी राज्य सरकार को कोई आय या सामाजिक सुरक्षा कर के भुगतान की आवश्यकता है जो के संबंध में, भारत में पैदा नहीं समझा जाता है ;
(9) के रूप में किसी भी ऐसे व्यक्ति के परिवार के किसी भी सदस्य की आय खंड (8) अर्जित या भारत के बाहर पैदा होती है जो भारत, करने के लिए उसके साथ करने के लिए भेजा जाता है, और के संबंध में, भारत में एकत्रित होने या उठता समझा नहीं है ऐसे सदस्य जो विदेशी राज्य सरकार को कोई आय या सामाजिक सुरक्षा कर के भुगतान की आवश्यकता है जो;
1 [(10) (क) संशोधित पेंशन केन्द्र सरकार के नियम या, जैसा भी मामला हो, केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972, या किसी भी इसी तरह की योजना लागू तहत के तहत प्राप्त किसी भी मृत्यु एवं सेवानिवृत्ति उपदान नागरिक संघ की सेवाओं या रक्षा के साथ या संघ (जैसे सदस्यों या धारकों ने कहा कि नियमों द्वारा शासित नहीं व्यक्तियों जा रहा है) के तहत या अखिल भारतीय सेवा के सदस्यों के लिए या करने के लिए सिविल पदों के जुड़े पदों के धारकों के सदस्यों के लिए एक राज्य के अधीन या किसी स्थानीय प्राधिकारी या पेंशन कोड या नियमों रक्षा सेवाओं के सदस्यों पर लागू तहत प्राप्त अवकाश ग्रहण करने वाले उपदान के किसी भी भुगतान के कर्मचारियों को सिविल पदों के एक राज्य या धारकों की सिविल सेवा के सदस्यों;
(Ii) किसी उपदान (1972 का 39), हद तक यह उप वर्गों (2) के प्रावधानों और (3) के साथ अनुसार गणना की एक राशि से अधिक नहीं है ग्रेच्युटी अधिनियम, 1972 के भुगतान के तहत प्राप्त की धारा 4 की कि अधिनियम;
(Iii) उनकी सेवानिवृत्ति पर या पर एक कर्मचारी द्वारा प्राप्त किसी भी अन्य ग्रेच्युटी उसके बनने यदि ऐसा नहीं होता हद तक, पूर्व सेवानिवृत्ति के लिए या अपने रोजगार की समाप्ति, या उसकी मृत्यु पर उसकी विधवा, बच्चों या आश्रितों द्वारा प्राप्त किसी भी उपदान पर अक्षम , या तो मामले में, एक तीस हजार रुपए की अधिकतम या के अधीन तुरंत ग्रेच्युटी भुगतान किया जाता है, जिसमें वर्ष पिछले तीन वर्षों के लिए औसत वेतन के आधार पर गणना पूरी की सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए एक से डेढ़ महीने का वेतन, से अधिक जो भी कम हो, ताकि गणना की बीस महीने के वेतन,:
इस खंड में निर्दिष्ट किसी gratuities वही पिछले वर्ष में एक से अधिक नियोक्ता से एक कर्मचारी द्वारा प्राप्त कर रहे हैं जहां, बशर्ते कि इस धारा के तहत आयकर से छूट कुल राशि तीस हजार रुपए से अधिक नहीं होगी:
आगे किसी भी तरह के ग्रेच्युटी या gratuities था या भी किसी एक या अधिक पहले पिछले वर्षों में प्राप्त हुए थे और पूरे या ऐसे ग्रेच्युटी या gratuities की राशि के किसी भी हिस्से में इस तरह पिछले साल की निर्धारिती की कुल आय में शामिल नहीं किया गया था जहां बशर्ते कि या साल, इस धारा के तहत आयकर से छूट राशि राशि से कम के रूप में तीस हजार रुपए से अधिक है या नहीं करेगा, जैसा भी मामला हो, ऐसी किसी को पिछले वर्ष या साल की कुल आय में शामिल नहीं कुल राशि.
स्पष्टीकरण: इस खंड में, "वेतन" चौथी अनुसूची के भाग क के नियम 2 के खंड (ज) में उसे सौंपे अर्थ होगा;]
(10A) (क) केन्द्रीय सरकार के सिविल पेंशन (रूपान्तरण) नियम के तहत प्राप्त पेंशन का रूपान्तरण में किसी भी भुगतान 2 [या नागरिक संघ की सेवाओं या रक्षा से जुड़े पदों के धारकों के सदस्यों पर लागू होनेवाले भी इसी योजना के तहत या संघ (जैसे सदस्यों या धारकों ने कहा कि नियमों द्वारा शासित नहीं व्यक्तियों जा रहा है) के तहत या अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों को या रक्षा सेवाओं के सदस्यों को या किसी राज्य की सिविल सेवा के सदस्यों को सिविल पदों के या एक राज्य के अधीन या किसी स्थानीय प्राधिकारी] या एक केन्द्रीय, राज्य या प्रांतीय अधिनियम द्वारा स्थापित निगम के कर्मचारियों को सिविल पदों के धारकों;
(Ii) पेंशन का रूपान्तरण में किसी भी भुगतान के यह अधिक नहीं करता हद तक, किसी भी अन्य नियोक्ता की किसी भी योजना के अंतर्गत प्राप्त
(क) कर्मचारी किसी भी ग्रेच्युटी, वह सामान्य रूप से प्राप्त करने के हकदार है जो पेंशन के एक तिहाई से रूपान्तरित मूल्य प्राप्त करता है, और जहां एक मामले में
(ख) किसी भी अन्य मामले में, इस तरह के पेंशन के आधे से रूपान्तरित मूल्य, ऐसे रूपान्तरित मूल्य निर्धारित किया जा रहा प्राप्तकर्ता की उम्र को ध्यान में रखते हुए, उनके स्वास्थ्य की स्थिति, ब्याज और मृत्यु का आधिकारिक तौर पर मान्यता तालिकाओं की दर:
बशर्ते कि उपखंड में निर्दिष्ट भुगतान की अधिकतम सीमा (द्वितीय) (क) या उपखंड (द्वितीय) (ख) अगस्त, 1965 के 19 वें दिन से पहले किए गए किसी भी तरह के भुगतान के संबंध में लागू नहीं होगा;
1 [(10 बी) औद्योगिक तहत एक कर्मकार द्वारा प्राप्त कोई मुआवजा विवाद अधिनियम, 1947 (1947 का 14), या किसी भी अन्य कानून के तहत या नियमों, आदेशों या उसके अधीन या किसी भी स्थायी आदेश के तहत या किसी भी पुरस्कार के तहत जारी अधिसूचनाओं, सेवा का अनुबंध या नहीं तो, उनकी छंटनी के समय, हद तक इस तरह के मुआवजे को पार नहीं करता
(मैं) औद्योगिक की धारा 25f के खंड के प्रावधानों (ख) के अनुसार गणना की एक राशि अधिनियम, 1947 (1947 का 14) विवाद; या
(द्वितीय) बीस हजार रुपए,
इनमें से जो भी कम है.
स्पष्टीकरण: इस खंड के प्रयोजनों के लिए
(क) वह कार्यरत है जिसमें उपक्रम के नीचे समापन के समय में एक कर्मकार द्वारा प्राप्त मुआवजा मुआवजा उनकी छंटनी के समय में प्राप्त किया जा समझा जाएगा;
वह एक नए नियोक्ता के लिए कि उपक्रम के संबंध में नियोक्ता से कार्यरत है जिसमें उपक्रम के स्वामित्व या प्रबंधन के स्थानांतरण के समय एक कारीगर द्वारा प्राप्त (ख) मुआवजा, (चाहे समझौते से या कानून के आपरेशन के द्वारा) , उसकी छंटनी के समय पर प्राप्त मुआवजा होना समझा जाएगा अगर
(I) कर्मकार की सेवा इस तरह के हस्तांतरण से बाधित कर दिया गया है; या
(ख) के नियम और इस तरह के हस्तांतरण के बाद कर्मकार को लागू सेवा की शर्तों को तुरंत हस्तांतरण से पहले उसे लागू करने के लिए उन लोगों की तुलना कर्मकार को कम अनुकूल किसी भी तरह से कर रहे हैं; या
(Iii) नए नियोक्ता उसकी सेवा से बनी हुई है और से बाधित नहीं किया गया है उस आधार पर उसकी छंटनी, मुआवजे की घटना में, इस तरह के हस्तांतरण की शर्तों के तहत या कर्मकार को भुगतान करने के लिए अन्यथा, कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं है, हस्तांतरण;
(ग) अभिव्यक्ति "नियोक्ता" और "कर्मकार" औद्योगिक में अधिनियम, 1947 (1947 का 14) विवाद के रूप में एक ही अर्थ होगा;]
(11) भविष्य निधि अधिनियम, 1925 (1925 का 19) को लागू करता है या केन्द्र सरकार द्वारा स्थापित और सरकारी गजट में इस संबंध में यह द्वारा अधिसूचित किसी भी अन्य भविष्य निधि से करने के लिए जो एक भविष्य निधि से किसी भी भुगतान;
(12) की वजह से और चौथी अनुसूची के भाग क के नियम 8 में प्रदान की हद तक, एक मान्यता प्राप्त भविष्य निधि में भाग लेने वाले एक कर्मचारी को देय होता जा रहा संचित संतुलन;
एक अनुमोदित सेवानिवृत्ति निधि से (13) किसी भी भुगतान कर दिया है,
एक लाभार्थी की मृत्यु पर (मैं); या
(Ii) पर या के बाद एक निर्धारित उम्र या पर की या उनकी सेवानिवृत्ति पर एक वार्षिकी का रूपान्तरण में एवज में एक कर्मचारी को उसकी पूर्व सेवानिवृत्ति के लिए अक्षम होता जा रहा; या
(Iii) एक लाभार्थी की मृत्यु पर योगदान की वापसी के रास्ते से; या
(Iv) अपने संबंध में सेवा छोड़ने पर एक कर्मचारी के योगदान की वापसी के रास्ते से फंड पर या के बाद एक निर्धारित उम्र या सेवानिवृत्ति के द्वारा की तुलना में अन्यथा की स्थापना की है जिसके साथ उसकी सीमा तक, पूर्व सेवानिवृत्ति के लिए अक्षम होता जा रहा है, जो करने के लिए इस तरह के भुगतान से पहले इस अधिनियम के प्रारंभ और किसी भी ब्याज के लिए किए गए योगदान से अधिक नहीं है;
विशेष रूप से वास्तव में (नहीं से अधिक ऐसे हद तक निर्धारिती के कब्जे में रहने के संबंध में (बुलाया भी नाम से) किराए के भुगतान पर किए गए व्यय को पूरा करने के लिए अपने नियोक्ता द्वारा एक निर्धारिती को दी गई (13A) किसी विशेष भत्ता 1 [चार सौ रुपए ] निर्धारित किया जा सकता है) को प्रति माह * इस तरह के आवास बैठाना और अन्य प्रासंगिक विचार है जिसमें क्षेत्र या स्थान को ध्यान में रखते;
(14) किसी विशेष भत्ता या लाभ, एक मनोरंजन भत्ता या (2) के खंड के अर्थ के भीतर अन्य रिआयत की प्रकृति में नहीं किया जा रहा धारा 17 विशेष रूप से पूरी तरह जरूरी है और विशेष रूप से कर्तव्यों के निष्पादन में किए गए खर्च को पूरा करने के लिए दी गई, इस तरह के खर्च वास्तव में उस प्रयोजन के लिए खर्च कर रहे हैं जो करने के लिए इस हद तक लाभ का पद या रोजगार, के.
2 [स्पष्टीकरण: शंकाओं को दूर करने के लिए यह एतद्द्वारा घोषित किया जाता है कि उनके कार्यालय या लाभ के रोजगार के कर्तव्यों आमतौर पर उसके द्वारा या जगह पर प्रदर्शन कर रहे हैं जहां जगह में अपने व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने के लिए निर्धारिती के लिए दी गई किसी भी भत्ता जहां वह आमतौर पर रहता जरूरी है और विशेष रूप से इस तरह के कार्यों के निष्पादन में किए गए, पूर्ण खर्चों को पूरा करने के लिए दी गई एक विशेष भत्ता के रूप में, इस खंड के प्रयोजनों के लिए, नहीं माना जाएगा;]
द्वारा या केन्द्रीय सरकार या, अधिसूचना द्वारा कि सरकार के रूप में है कि सरकार की सत्ता से या के तहत जारी किए गए इस तरह के अन्य वार्षिकी प्रमाणपत्रों के अधिकार के तहत जारी किए गए 15 साल वार्षिकी सर्टिफिकेट पर (15) (क) मासिक भुगतान † आधिकारिक में राजपत्र, प्रमाण पत्र की मात्रा में प्रत्येक मामले में उसमें निवेश करने की अनुमति दी है जो अधिकतम राशि से अधिक नहीं है जो करने के लिए इस हद तक, इस संबंध में निर्दिष्ट;
(आइए) राष्ट्रीय रक्षा गोल्ड बांड, 1980 को वार्षिक भुगतान;
(Ii) खजाना बचत जमा प्रमाण पत्र, डाक घर कैश सर्टिफिकेट, पोस्ट ऑफिस राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय योजना प्रमाण पत्र, बारह साल राष्ट्रीय योजना बचत पत्र और कहा कि सरकार के रूप में केन्द्र सरकार द्वारा जारी किए गए इस तरह के अन्य प्रमाण पत्र पर ब्याज, अधिसूचना द्वारा * में सरकारी राजपत्र, जो करने के लिए इस हद तक, डाकघर बचत बैंक के तहत जमा के संबंध में डाकघर बचत बैंक और बोनस में जमा राशियों पर इस ओर, ब्याज में नियम, 1959 (संचयी समय जमा) निर्दिष्ट इस तरह के प्रमाण पत्र या जमा की मात्रा प्रत्येक मामले में उसमें निवेश या जमा किया जा करने की अनुमति दी है जो अधिकतम राशि से अधिक नहीं है;
(आईआईए) केन्द्र सरकार द्वारा तैयार किए और अधिसूचित किसी भी योजना के तहत सावधि जमाओं पर ब्याज * प्रत्येक मामले में, अधिकतम राशि, जो इस तरह की जमा राशि की मात्रा को पार न करने की हद तक, सरकारी राजपत्र में इस संबंध में यह द्वारा जो उसमें जमा किया जा करने की अनुमति दी है;
(Iii) सीलोन के सेंट्रल बैंक के निर्गम विभाग द्वारा आयोजित प्रतिभूतियों पर ब्याज सीलोन मुद्रा कानून अधिनियम, 1949 के अधीन गठित;
(Iv) ब्याज देय
(क) क्या सरकार या भारत के बाहर स्रोतों से यह द्वारा उधार ली गई धनराशि पर एक स्थानीय प्राधिकारी द्वारा;
(ख) को मंजूरी दे दी हो सकता है के रूप में एक विदेशी देश में किसी भी तरह के वित्तीय संस्था के साथ किए गए एक ऋण समझौते के तहत यह द्वारा उधार धन पर भारत में एक औद्योगिक उपक्रम द्वारा * सामान्य या विशेष आदेश द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा इस संबंध में;
(ग) सीमा तक, कच्चे माल या पूंजी संयंत्र और मशीनरी के भारत से बाहर खरीद के संबंध में एक विदेशी देश में यह द्वारा किए गए किसी भी उधार धन या ऋण पर भारत में एक औद्योगिक उपक्रम द्वारा जो करने के लिए इस तरह के ब्याज की राशि से अधिक नहीं है ऋण या ऋण और अपने भुगतान की शर्तों को ध्यान में रखते हुए, इस संबंध में केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित दर पर गणना ब्याज की;
1 औद्योगिक वित्त निगम अधिनियम, 1948 (1948 का 15) द्वारा स्थापित भारत की औद्योगिक वित्त निगम, या औद्योगिक विकास भारत के कानून के बैंक, 1964 (1964 का 18) के तहत स्थापित भारतीय औद्योगिक विकास बैंक द्वारा [(डी) , या भारत की औद्योगिक ऋण और निवेश निगम जो इस तरह के ब्याज नहीं करता करने के लिए इस हद तक, भारत से बाहर स्रोतों से यह द्वारा उधार किसी भी पैसे की रक़म पर [एक कंपनी का गठन किया और भारतीय कंपनी अधिनियम, 1913 के तहत पंजीकृत (1913 का 7)], ऋण और अपने भुगतान की शर्तों को ध्यान में रखते हुए, इस संबंध में केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित दर पर गणना की ब्याज की राशि से अधिक;
भारत में स्थापित किसी भी अन्य वित्तीय संस्था या एक बैंकिंग कंपनी बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10), (में निर्दिष्ट किसी बैंक या बैंकिंग संस्था सहित लागू होता है जिसके द्वारा (ई) धारा 51 में किसी भी धन पर कि अधिनियम के) धन कच्चे माल या पूंजी संयंत्र और मशीनरी के भारत से बाहर खरीद के लिए या के प्रयोजन के लिए भारत में औद्योगिक उपक्रमों को ऋण को आगे बढ़ाने के उद्देश्य के लिए या तो उधार ली गई हैं जहां केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित एक ऋण समझौते के तहत भारत के बाहर स्रोतों से यह द्वारा उधार केन्द्र सरकार इस तरह के ब्याज के मामले को ध्यान में रखते हुए, इस संबंध में केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित दर पर गणना की ब्याज की राशि से अधिक नहीं है जो करने के लिए इस हद तक, जनता के हित में आयात करने के लिए आवश्यक विचार कर सकते हैं जो किसी भी माल का आयात ऋण और अपने चुकौती;]
1 हद तक भारत में औद्योगिक विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी एक ऋण समझौते के तहत भारत के बाहर स्रोतों से विदेशी मुद्रा में यह द्वारा उधार किसी भी धन पर भारत में एक औद्योगिक उपक्रम द्वारा [(एफ), जो करने के लिए इस तरह के ब्याज ऋण की शर्तों और अपने चुकौती को ध्यान में रखते हुए, इस संबंध में केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित दर पर गणना की ब्याज की राशि से अधिक नहीं है.
स्पष्टीकरण: इस मद के प्रयोजनों के लिए, अभिव्यक्ति "विदेशी मुद्रा" विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (1973 का 46) में उसे सौंपे अर्थ होगा;]
(16) छात्रवृत्ति शिक्षा की लागत को पूरा करने के लिए दी गई;
(17) संसद की अपनी सदस्यता या किसी राज्य विधानमंडल के या के कारण किसी भी व्यक्ति द्वारा प्राप्त किसी भी दैनिक भत्ता 2 [संसद सदस्यों के तहत संसद के किसी भी सदन का सदस्य द्वारा प्राप्त उसके किसी समिति या किसी भी भत्ता (अतिरिक्त सुविधाएं) नियम, 1975];
3 [17A) केन्द्रीय सरकार द्वारा या किसी राज्य सरकार द्वारा स्थापित या द्वारा अनुमोदित, साहित्यिक, वैज्ञानिक और कलात्मक काम या प्राप्ति के लिए पुरस्कार के अनुसरण में, या खेल और खेल में प्रवीणता के लिए, चाहे नकद या वस्तु के रूप में, किए गए किसी भी भुगतान इस संबंध में केन्द्र सरकार:
केन्द्र सरकार द्वारा दी गई मंजूरी मंजूरी देने के क्रम में निर्दिष्ट किया जा सकता है (जैसे की मंजूरी दी गई है, जिस पर तारीख से पहले शुरू होने के एक आकलन वर्ष या साल सहित) इस तरह के निर्धारण वर्ष या साल के लिए प्रभावी होंगे बशर्ते कि;
(17B) के रूप में इस तरह के उद्देश्यों के लिए केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा एक इनाम के रूप में, चाहे नकद या वस्तु के रूप में, किए गए किसी भी भुगतान सार्वजनिक हित में इस संबंध में केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया जा सकता है;]
(18) की स्थापना की या केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित वीरता पुरस्कार के अनुसरण में केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा, नकद या वस्तु के रूप में, चाहे किए गए किसी भी भुगतान;
4 [(18A) प्रिवी पर्स की समाप्ति पर केन्द्र सरकार फलस्वरूप द्वारा बनाई गई किसी अनुग्रहपूर्वक भुगतान;]
(19) [भारतीय राज्यों के शासकों (विशेषाधिकार का उन्मूलन) द्वारा अधिनियम, 1972 से प्रभावी छोड़े गए 1973/02/04;]
1 (19A) एक शासक के कब्जे में किसी भी एक महल का वार्षिक मूल्य, एक महल जा रहा है, वार्षिक मूल्य जिसका आयकर से छूट गया था पुण्य द्वारा संविधान (छब्बीसवाँ संशोधन) अधिनियम, 1971 के प्रारंभ से पहले विलय अमेरिका (कराधान रियायतें) आदेश, 1949, या भाग ख अमेरिका (कराधान रियायतें) आदेश, 1950, या, मामले के रूप में के प्रावधानों की, जम्मू और कश्मीर (कराधान रियायतें) आदेश, 1958 में हो सकता है:
अप्रैल, 1972 के 1 दिन शुरू निर्धारण वर्ष के लिए, प्रासंगिक पिछले वर्ष के दौरान ऐसे शासक के कब्जे में हर तरह के महल की वार्षिक मूल्य आयकर से मुक्त किया जाएगा बशर्ते कि;]
(20) सिर "प्रतिभूतियों पर ब्याज" के अंतर्गत प्रभार्य है जो एक स्थानीय प्राधिकारी की आय, "गृह संपत्ति से आय", "पूंजीगत लाभ", या "अन्य स्रोतों से आय" या यह द्वारा किए गए एक व्यापार या व्यवसाय से 2 [अर्जित करता है या एक वस्तु या सेवा का अपना क्षेत्राधिकार क्षेत्र के भीतर या भीतर या अपने स्वयं के क्षेत्राधिकार क्षेत्र के बाहर पानी या बिजली की आपूर्ति से (पानी या बिजली नहीं होने के) की आपूर्ति से पैदा होती है जो];
(20A) एक अधिकार के किसी भी आय, या के लिए द्वारा या के साथ काम कर और आवास के लिए या शहरों, कस्बों और गांवों के नियोजन, विकास या सुधार के उद्देश्य के लिए जरूरत है संतोषजनक के उद्देश्य के लिए या तो अधिनियमित किसी भी कानून के तहत भारत में गठित दोनों;
(21) खंड के प्रयोजन के लिए अनुमोदित किया जा रहा है समय के लिए एक वैज्ञानिक रिसर्च एसोसिएशन के किसी भी आय (द्वितीय) (1) की उप - धारा की धारा 35 कि संघ के उद्देश्यों को पूरी तरह से लागू किया जाता है, जो;
(22) केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और न लाभ के प्रयोजनों के लिए मौजूदा एक विश्वविद्यालय या अन्य शिक्षा संस्था की आय,;
(22A) एक अस्पताल या बीमारी या मानसिक न्यूनता से पीड़ित व्यक्तियों का स्वागत और उपचार के लिए या स्वास्थ्य लाभ के दौरान व्यक्ति का स्वागत और उपचार के लिए या परोपकारी प्रयोजनों के लिए पूरी तरह मौजूदा, चिकित्सा ध्यान या पुनर्वास की आवश्यकता व्यक्तियों की और नहीं अन्य संस्था के किसी भी आय लाभ के प्रयोजनों के लिए;
(23) भारत ने अपनी वस्तु के रूप में होने में स्थापित एक संघ या संस्था के किसी भी आय क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, टेनिस या केन्द्र सरकार के रूप में इस तरह के अन्य खेल या खेल के खेल की भारत में नियंत्रण, पर्यवेक्षण, विनियमन या प्रोत्साहन निर्दिष्ट कर सकता है इस संबंध में समय - समय पर, अधिसूचना द्वारा * सरकारी राजपत्र में:
बशर्ते कि-
(मैं) एसोसिएशन या संस्था केवल यह स्थापित किया है, जिसके लिए वस्तुओं के लिए अपने आय पर लागू होता है, या आवेदन के लिए यह जम जाता है;
(Ii) संघ या संस्था की आय का कोई हिस्सा है कि यह से संबद्ध किसी भी संस्था या संस्था को अनुदान के रूप में छोड़कर अपने सदस्यों को किसी भी रूप में वितरित किया जाता है; और
(Iii) संघ या संस्था कुछ समय के लिए है, अनुमोदित * सामान्य या विशेष आदेश द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा इस खंड के प्रयोजन के लिए;
(23A) किसी भी आय एक संघ की (आय सिर "प्रतिभूतियों पर ब्याज" के अंतर्गत प्रभार्य या "गृह संपत्ति से आय" या किसी भी आय के अलावा अन्य ब्याज या अपने निवेश से निकाली गई लाभांश के माध्यम से किसी भी विशिष्ट सेवाओं या आय प्रदान करने के लिए प्राप्त) या भारत नियंत्रण, पर्यवेक्षण, विनियमन या कानून, चिकित्सा, लेखा, इंजीनियरिंग या आर्किटेक्चर या केन्द्र सरकार के रूप में इस तरह के अन्य पेशे के पेशे के प्रोत्साहन के द्वारा, समय - समय पर, इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकते हैं अपने उद्देश्य के रूप में होने में स्थापित संस्था सरकारी राजपत्र में अधिसूचना:
बशर्ते कि-
(मैं) एसोसिएशन या संस्था केवल यह स्थापित किया है, जिसके लिए वस्तुओं के लिए अपने आय पर लागू होता है, या आवेदन के लिए यह जम जाता है; और
(Ii) संघ या संस्था सामान्य या विशेष आदेश द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा इस खंड के प्रयोजन के लिए अनुमोदित किया जा रहा है समय के लिए है;
1 [(23B) एक संस्था के किसी भी आय एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में गठित या सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत (1860 का 21), या भारत के किसी भी हिस्से में बल में है कि अधिनियम के संगत है, और केवल मौजूदा किसी भी कानून के तहत खादी या ग्रामोद्योग के विकास या दोनों, और न हद तक लाभ के प्रयोजनों के लिए के लिए इस तरह के आय खादी या ग्रामोद्योग के उत्पादों की, उत्पादन, बिक्री, या विपणन के व्यवसाय के कारण है:
बशर्ते कि-
(मैं) संस्था केवल खादी या ग्रामोद्योग के विकास या दोनों के लिए, अपनी आय पर लागू होता है, या आवेदन के लिए यह जम जाता है; और
(Ii) संस्था खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा इस खंड के प्रयोजन के लिए अनुमोदित किया जा रहा है समय के लिए, इस प्रकार है:
आगे आयोग, किसी एक समय में, यह दी जाती है, जिसमें वित्तीय वर्ष के बाद अगले आकलन वर्ष के साथ शुरुआत और अधिक से अधिक तीन मूल्यांकन वर्षों के लिए इस तरह के अनुमोदन अनुदान नहीं होगी.
स्पष्टीकरण: इस खंड के प्रयोजनों के लिए, -
(मैं) "खादी और ग्रामोद्योग आयोग" खादी और ग्रामोद्योग आयोग, खादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम, 1956 (1956 का 61) के तहत स्थापित मतलब है;
(Ii) "खादी" और "ग्रामोद्योग" क्रमश कि अधिनियम में उन्हें सौंपा अर्थ है;]
2 की ओर से किसी भी व्यक्ति द्वारा प्राप्त [(23C) किसी भी आय
(मैं) प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष; या
(Ii) प्रधानमंत्री कोष (लोक कला के संवर्धन); या
(Iii) छात्रों फंड प्रधानमंत्री की सहायता; या
(Iv) फंड या संस्था और भारत भर में या किसी राज्य या राज्य भर में इसके महत्व की वस्तुओं को ध्यान में रखते हुए, सरकारी राजपत्र में केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है, जो धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए स्थापित किसी अन्य फंड या संस्था; या
(V) या संस्था (किसी अन्य कानूनी बाध्यता सहित) किसी भी विश्वास, पूर्ण सार्वजनिक धार्मिक प्रयोजनों के लिए या पूरी तरह से ध्यान में रखते हुए, सरकारी राजपत्र में केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है जो जनता के धार्मिक और धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए एक ट्रस्ट या संस्था की जा रही है ट्रस्ट या संस्था के मामलों प्रशासित और उससे जुड़ेंगे आय ठीक से उसके उद्देश्यों के लिए लागू किया जाता है कि सुनिश्चित करने के लिए निगरानी कर रहे हैं जिस तरह से:
उपखंड (चतुर्थ) या उपखंड के तहत केन्द्र सरकार द्वारा जारी किए गए किसी भी अधिसूचना (वी) इस तरह के निर्धारण वर्ष या साल (जैसे अधिसूचना जारी की जाती है, जिस पर तारीख से पहले शुरू होने के एक आकलन वर्ष या साल सहित) के लिए प्रभावी होंगे बशर्ते कि अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की जाए;]
सिर "प्रतिभूतियों पर ब्याज" के तहत (24) किसी भी आय प्रभार्य, "गृह संपत्ति से आय" और इंडियन ट्रेड यूनियन एक्ट, 1926 के अर्थ में एक पंजीकृत संघ के "अन्य स्रोतों से आय" (1926 का 16) का गठन मुख्य रूप से कामगार और नियोक्ताओं के बीच या कामगार और कामगार के बीच संबंधों को विनियमित करने के प्रयोजन के लिए;
(25) (क) द्वारा आयोजित किया है, या जो भविष्य निधि अधिनियम, 1925 (1925 का 19) को लागू करता है करने के लिए किसी भी भविष्य निधि, और बिक्री से उत्पन्न होने वाले फंड में से किसी पूंजीगत लाभ, की संपत्ति हैं जो कर रहे हैं प्रतिभूतियों पर ब्याज , विनिमय या ऐसी प्रतिभूतियों के हस्तांतरण;
(Ii) किसी मान्यता प्राप्त भविष्य निधि की ओर से न्यासियों द्वारा प्राप्त कोई भी आय;
(Iii) एक अनुमोदित सेवानिवृत्ति निधि की ओर से न्यासियों द्वारा प्राप्त कोई भी आय;
1 (चतुर्थ) एक अनुमोदित ग्रेच्युटी फंड की ओर से न्यासियों द्वारा प्राप्त कोई भी आय;]
2 मैं भाग या छठी के पैरा 20 से संलग्न सारणी के भाग द्वितीय में निर्दिष्ट किसी भी क्षेत्र में रहने वाले संविधान के अनुच्छेद 366 के एक अनुसूचित जनजाति के एक सदस्य के मामले में [(26) खंड (25) के रूप में परिभाषित, संविधान में या नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा राज्यों में या अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के संघ शासित क्षेत्रों में या 23 फ़रवरी 1951 दिनांक अधिसूचना सं TAD/R/35/50/109, द्वारा कवर क्षेत्रों में अनुसूची, के परन्तुक के तहत असम के राज्यपाल द्वारा जारी किए गए उप अनुच्छेद (3) ने कहा कि अनुच्छेद 20 के किसी भी आय [यह पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 18) की प्रारंभ से ठीक पहले खड़ा था] जो , अर्जित करता है या उसे करने के लिए उठता है -
(क) क्षेत्रों में किसी भी स्रोत से, राज्य या केन्द्र शासित क्षेत्रों पूर्वोक्त, या
(ख) लाभांश या प्रतिभूतियों पर ब्याज के रूप में;]
(26A) किसी भी आय एकत्रित या किसी भी व्यक्ति के लिए उत्पन्न होने वाले 3 से पहले शुरू होने से किसी भी निर्धारण वर्ष के लिए प्रासंगिक किसी भी पिछले वर्ष में लद्दाख जिले में या भारत के बाहर किसी भी स्रोत से [***] 4 अप्रैल, 1980 के दिन 1], जहां ऐसे व्यक्ति है कि पिछले वर्ष में कहा जिले का निवासी है:
वह अप्रैल, 1962 के 1 दिन शुरू निर्धारण वर्ष के लिए प्रासंगिक पिछले वर्ष में उस जिले का निवासी था जब तक कि इस खंड के किसी भी ऐसे व्यक्ति के मामले में लागू नहीं होगी.
स्पष्टीकरण: इस खंड के प्रयोजनों के लिए, एक व्यक्ति वह उप - धारा (1) या उपधारा की आवश्यकताओं (2) या उपधारा (3) या उप को पूरा अगर लद्दाख जिले में निवासी होना समझा जाएगा की धारा (4) की धारा 6 के मामले के रूप में, संशोधनों के अधीन हो सकता है कि
भारत के लिए उन उप वर्गों में (मैं) के संदर्भ में कहा जिले के लिए संदर्भ के रूप में लगाया जाएगा; और
(Ii) खंड (i) उप - धारा की (3), भारतीय कंपनी के संदर्भ में जम्मू और कश्मीर राज्य में लागू किया जा रहा है और कर रहे समय के लिए गठन किया है और किसी भी कानून के तहत पंजीकृत कंपनी को संदर्भ के रूप में लगाया जाएगा अपने उस वर्ष में उस जिले में कार्यालय पंजीकृत;
(27) [1976/01/04 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1975, के द्वारा छोड़े गए लेकिन में फिर से अधिनियमित अनुभाग 80JJ संशोधन के साथ;]
(28) किसी भी राशि समायोजित या अध्याय XXIIB और उसके अधीन बनाए गए किसी भी योजना के प्रावधानों के तहत एक कर ऋण प्रमाण पत्र के संबंध में भुगतान किया;
एक अधिकार के मामले में (29) वस्तुओं के विपणन, भंडारण, प्रसंस्करण या वस्तुओं के विपणन की सुविधा के लिए गोदाम या गोदामों के देने से निकाली गई किसी भी आय के लिए तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन गठित;
* (30) भारत में चाय बढ़ रही है और निर्माण के व्यवसाय पर किया जाता है, जो एक निर्धारिती के मामले में, किसी भी सब्सिडी की राशि केन्द्र सरकार के रूप में पौधरोपण या चाय की झाड़ियों के प्रतिस्थापन के लिए ऐसे किसी भी योजना के तहत चाय बोर्ड से या के माध्यम से प्राप्त सरकारी राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे:
आयकर अधिकारी अनुमति दे सकता है के रूप में निर्धारिती संबंध निर्धारण वर्ष के लिए या इस तरह के अतिरिक्त समय के भीतर उनकी आय के रिटर्न के साथ साथ आयकर अधिकारी को प्रस्तुत है, बशर्ते कि इस तरह की सब्सिडी की राशि के रूप में चाय बोर्ड से एक प्रमाण पत्र पिछले वर्ष के दौरान निर्धारिती को भुगतान किया.
स्पष्टीकरण: इस खंड में, "चाय बोर्ड" चाय बोर्ड चाय अधिनियम, 1953 (1953 का 29) की धारा 4 के तहत स्थापित मतलब है.
(3) कराधान कानून (संशोधन) द्वारा प्रतिस्थापित अधिनियम, 1970 से प्रभावी 1971/01/04.
(4) वित्त अधिनियम, 1972 से प्रभावी द्वारा प्रतिस्थापित 1972/01/04.
1 अब विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 (1973 का 46).
प्र.20. कराधान कानून 1962/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ (संशोधन) अधिनियम, 1970 द्वारा प्रतिस्थापित.
(3) वित्त अधिनियम, 1975 से प्रभावी द्वारा प्रतिस्थापित 1975/01/04.
* अतः 3331 देखें, 19-10-1965 दिनांकित.
† नियम 2B देखें.
1 वित्त अधिनियम, 1975 से प्रभावी द्वारा डाला 1975/01/04.
प्र.20. , कराधान कानून (संशोधन) अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित!970, 1962/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ.
(3) 1972/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977, द्वारा डाला.
1 कराधान कानून (संशोधन) अधिनियम, 1975 से प्रभावी, 1975/01/10 द्वारा डाला.
प्र.20. कराधान कानून (संशोधन) द्वारा डाला अधिनियम, 1970 से प्रभावी 1971/01/04.
1 कराधान कानून (संशोधन) द्वारा प्रतिस्थापित अधिनियम, 1970 से प्रभावी 1971/01/04.
प्र.20. कराधान कानून (संशोधन) द्वारा डाला अधिनियम, 1970 से प्रभावी 1971/01/04.
* देखें नियम 16 ए.
1 प्रत्यक्ष कर 1973/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ (संशोधन) अधिनियम, 1974, द्वारा डाला.
1 वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा डाला. से प्रभावी 1976/01/04.
1 वित्त अधिनियम, 1974 से प्रभावी, 1975/01/04 द्वारा प्रतिस्थापित.
प्र.20. 1962/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ वित्त अधिनियम, 1974 द्वारा प्रतिस्थापित.
1 वित्त अधिनियम, 1975 से प्रभावी द्वारा डाला 1976/01/04.
1 वित्त अधिनियम 1975 से प्रभावी हुए शब्द "तीन सौ रूपए" के लिए एवजी 1975/01/04.
प्र.20. 1962/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ 1975/01/04 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1975 द्वारा डाला.
* नियम 2A देखें.
† "Taxmann के प्रत्यक्ष कर परिपत्र", खंड देखें. मैं 1977 संस्करण.
1 प्रत्यक्ष कर (संशोधन) अधिनियम, 1974, द्वारा डाला प्रभावी 1973/01/04.
* "Taxmann के प्रत्यक्ष कर परिपत्र", खंड देखें. मैं 1977 संस्करण.
1 वित्त अधिनियम, 1976 से प्रभावी द्वारा डाला 1976/01/06.
प्र.20. हम एफ Finanee अधिनियम, 1976 द्वारा शब्द "किसी भी समिति तत्संबंधी" के लिए एवजी. 1976/01/04.
(3) प्रत्यक्ष कर 1973/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ (संशोधन) अधिनियम, 1974, द्वारा डाला.
(4) भारतीय राज्यों के शासकों (विशेषाधिकार का उन्मूलन) अधिनियम, 1972 से प्रभावी द्वारा डाला 1972/09/09.
1 भारतीय राज्यों के शासकों (विशेषाधिकार का उन्मूलन) अधिनियम, 1972 से प्रभावी द्वारा डाला 28-12-1971.
प्र.20. वित्त द्वारा प्रतिस्थापित (नं. 2) अधिनियम, 1971 से प्रभावी 1972/01/04.
* "Taxmann के प्रत्यक्ष कर परिपत्र", खंड देखें. मैं 1977 संस्करण.
1 वित्त अधिनियम, 1974 से प्रभावी द्वारा डाला 1974/01/06.
प्र.20. कराधान कानून (संशोधन) द्वारा डाला अधिनियम, 1975 से प्रभावी 1976/01/04.
1 वित्त अधिनियम, 1972 से प्रभावी द्वारा डाला 1973/01/04.
प्र.20. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) (संघ विषय पर कानून के अनुकूलन) आदेश, 1974 से प्रभावी द्वारा प्रतिस्थापित 21-1-1972.
(3) 1962/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1971, के द्वारा छोड़े गए.
(4) 1975/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977, द्वारा "अप्रैल, 1975 के 1 दिन" के लिए एवजी.
* देखें नियम 8 (2).
[वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा यथा संशोधित]

